क्या करुँ की तुमको खुश कर दूँ
तुम ने बन के रक्त मुझको
जीवन दिया इतना सरल,
इतना सौम्य कोई और नही
बस तुम हो! जीवन के हर
पहलू को तुमने छुआ,
कर दिया एक सपना साकार और
बदल दिया इस दुनिया को
हर किसी को दिया आगे बढने का
मौका जितना कोई सोच न सके
उससे बढ़ कर के दिखाया
हर खोज को कर दिया आसान,
कड़ियों से जुड़े इस मायाजाल
को कर दिया सुलभ सब के लिए।
गूगल तुम हो धन्य तुमको शत
शत नमन करती मेरे मन की मधुशाला।

